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करंट की चपेट में आये दंपति सहित दो पेंटर भीलवाड़ा

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( बलराम वैष्णव ):- बड़लियास कस्बे में रविवार सुबह उसे समय हड़कंप मच गया, जब डिश का तार 11 हजार केवी विद्युत लाइन की चपेट में आने से दंपति सहित दो पेंटर घायल हो गए, चारों घायलों को प्राथमिक उपचार के बाद जिला मुख्यालय रेफर किया गया, जहां से दंपती को उदयपुर रेफर किया गया, दो युवकों की सूझबूझ के चलते बड़ा हादसा होने से टल गया । बड़लियास निवासी कैलाश चंद्र चतुर्वेदी अपने मकान की पुताई करवाने के लिए रविवार सुबह नंदराय निवासी पेंटर सत्यनारायण रैगर व भैरुलाल रैगर को छत पर दिखाने के लिए गए, उपर छत दिखाते समय दौरान वहां रेलिंग पर बंधे डिश के तार को हटा रहे थे इसी दौरान डिश के तार पर लगा कट पास से गुजर रही 11 हजार केवी विद्युत लाइन को छुने से डिश तार में करंट आ गया से दोनों पेंटर व कैलाश चंद्र को करंट लग गया, जिससे वह चिल्लाने लगे, जिसको देखकर बाहर नीचे खड़े दिनेश रेगर व विशाल खटीक छत पर पहुंचे, और लकड़ी से तार को दूर करने का प्रयास रहे थे, कि कैलाश चंद्र की पत्नी कल्पना शर्मा भी छत पर आ गई और वह अपने पति को तार से छुडाने के प्रयास में तार को पकड़ लिया, जिसे वह भी करंट की चपेट में आ गई, दिनेश व विशाल ने बड़ी मुश्किल दोनों को तार को काटकर अलग किया, जबकि पेंटर करंट लगने से दुर गिर गए, इसके बाद कैलाश चंद्र चतुर्वेदी, कल्पना शर्मा, सत्यनारायण रैगर व भैरु रैगर को घायलों को बड़लियास चिकित्सालय में प्राथमिक उपचार के बाद जिला चिकित्सालय में रेफर किया गया, जहां से दंपती कैलाश चंद्र व कल्पना को उदयपुर भेजा गया ।।

भगवान बनकर आए दिनेश व विशाल

11 केवी विद्युत लाइन की चपेट में आने के बाद चतुर्वेदी व रेगर परिवार के लिए दिनेश रेगर व विशाल खटीक देवदूत बनकर आए, अगर दोनों समय पर नहीं आते तो यहां एक बड़ा हादसा हो सकता था, जैसा की दिनेश रेगर ने बताया कि वह नीचे खड़ा था उसने देखा कि एक पेंटर हिल रहा है और कैलाश चतुर्वेदी को करंट लगने से हाथों से आग लगती दिखाई दी, में और विशाल दौड़कर छत पर गये, नीचे से ही लकड़ी लेकर गया, छत पर देखा कि कैलाश जी के हाथ में तार था, जिसमें करंट लग रहा था, मेंने लकड़ी से हटाने लगा, इतने में कैलाश जी की पत्नी कल्पना शर्मा दौड़कर आई और कैलाश जी को करंट से छुड़ाने के लिए डिश के तार को पकड़कर हटाने लगी तो वह भी करंट की चपेट में आ गई, फिर मैंने व विशाल ने लकड़ी व पत्थर से बड़ी मशक्कत के बाद डिश के तार को काटकर अलग किया ।

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Author: shiningmarwar

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