सवाईपुर ( सांवर वैष्णव ):- सवाईपुर कस्बे के निकटवर्ती चांदगढ़ गांव में बनास बचाओ आंदोलन के तहत सोमवार को शुरू हुआ ग्रामीणों का अनिश्चितकालीन धरना दूसरे दिन मंगलवार को भी जारी रहा । सवाईपुर क्षेत्र के आकोला गांव में बनास नदी के प्लॉट नंबर 7 पर महादेव एंक्लेव प्रा. लि. द्वारा JCB मशीनों से अवैध बजरी खनन जोरों पर चल रहा है। यह कार्रवाई उच्च न्यायालय के आदेशों की खुली अवहेलना मानी जा रही है । ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि यह खनन स्थानीय प्रशासन और अधिकारियों की मिलीभगत के बिना संभव नहीं है । लगातार शिकायतों और ज्ञापनों के बावजूद अधिकारियों द्वारा कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया । धरने के दूसरे दिन भी कोई अधिकारी ग्रामीणों की सुध लेने नहीं पहुंचा, जिससे आक्रोश और बढ़ गया है । ग्रामीणों ने सोमवार से चांदगढ़ देवनारायण मंदिर के पास सार्वजनिक प्रतिक्षालय में अनिश्चितकालीन शांतिपूर्ण धरना प्रदर्शन शुरू किया । ग्रामीणों का कहना है कि जब तक उनकी प्रमुख मांगे नहीं मानी जातीं, आंदोलन जारी रहेगा। ग्रामीणों की प्रमुख मांगे- नदी में चल रही सभी JCB मशीनों को तत्काल बंद कराया जाए, बजरी निकासी केवल मजदूरों से करवाई जाए, ओवरलोड वाहनों पर सख्त कार्रवाई की जाए, चरागाह भूमि को हुए नुकसान की भरपाई हेतु देवस्थान पर पौधारोपण कराया जाए, कंपनी से लिखित में लिया जाए कि दोबारा JCB नदी में नहीं उतारी जाएगी, ठेकेदार से नदी की खुदाई से हुए नुकसान की क्षतिपूर्ति वसूली जाए, ठेकेदार के कर्मचारियों की जांच की जाए क्योंकि आधे से ज्यादा अपराधी हैं, ठेकेदार द्वारा लगाया गया काटा चरागाह भूमि हटाया जाए । ग्रामीणों ने लीज धारक कंपनी के कर्मचारियों पर धरना स्थल के आसपास आकर डराने-धमकाने का गंभीर आरोप लगाया है । ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन जल्द कार्रवाई नहीं करता, तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा । बनास बचाओ की यह लड़ाई अब जनआंदोलन का रूप ले चुकी है । ग्रामीणों ने स्थानीय और क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों की मिलीभगत का आरोप भी लगाया ।।
Author: shiningmarwar
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