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चांदगढ़ गांव में बनास बचाओ आंदोलन में उबाल तीसरे दिन भी जारी अनिश्चितकालीन धरना, प्रशासन बना मूक दर्शक, ग्रामीणों ने टायर जलाकर किया विरोध

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भीलवाडा ( बलराम वैष्णव ):- सवाईपुर कस्बे के निकटवर्ती चांदगढ़ गांव में बनास बचाओ आंदोलन के अनिश्चितकालीन धरना के तीसरे दिन तीसरे दिन टायर जलाकर ग्रामीणों ने विरोध जताया । ग्रामीणों ने बताया कि आकोला कस्बे से होकर बहने वाली बनास नदी के ब्लॉक नंबर 7 में महादेव एंक्लेव प्राइवेट लिमिटेड नामक कंपनी द्वारा अवैध रूप से जेसीबी मशीनें चलाकर बजरी खनन किया जा रहा है । जो उच्च न्यायालय के आदेशों का सीधा उल्लंघन है । ग्रामीणों ने 8 अक्टूबर को भीलवाड़ा जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंप कर अवैध खनन रोकने की मांग की थी । लेकिन इसके बावजूद नदी में दिन-रात मशीनें चल रही हैं और ओवरलोड वाहनों से बजरी निकासी जारी है । इसको लेकर चांदगढ़, जीवा का खेड़ा, दोवनी सहित आसपास के कई गांवों के लोग एकजुट होकर देवनारायण मंदिर प्रांगण के पास सार्वजनिक विश्रांति गृह में सोमवार से अनिश्चितकालीन शांतिपूर्ण धरना प्रदर्शन शुरू किया । ग्रामीणों का कहना है कि जब तक अवैध खनन पूरी तरह बंद नहीं होगा, तब तक धरना जारी रहेगा । आंदोलन का तीसरा दिन बुधवार को भी कोई प्रशासनिक अधिकारी धरना स्थल पर नहीं पहुंचा । केवल जीवा का खेड़ा के पटवारी मौके पर आए उन्होंने कहा कि “नदी क्षेत्र का निरीक्षण कर रिपोर्ट तैयार कर प्रशासन को भेजी जाएगी ।” बुधवार को ग्रामीणों ने धरना स्थल पर टायर जलाकर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया और नारे लगाए “बनास बचाओ, जेसीबी भगाओ!” “बनास हमारी माता है, इसे बचाना हमारा धर्म है !” “बनास बचाओ, माफिया भगाओ !” ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि अगर प्रशासन ने जल्द कदम नहीं उठाया, तो आंदोलन को जिलेभर में विस्तारित किया जाएगा । बनास बचाओ की लहर तेज हो गई, न्याय और जल-जमीन की लड़ाई में डटे ग्रामीण ।।

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Author: shiningmarwar

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