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भक्ति के साथ विवेकपूर्व जीवन ही सार्थक है- गौ वत्स सत्यनारायण महाराज

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ककरोलिया माफी ( बलराम वैष्णव ):- कस्बे के निकटवर्ती बड़ला गांव नवरात्र महोत्सव व सप्त‌ दिवसीय भागवत कथा का आयोजन किया जा रहा है । रविवार को राष्ट्रीय प्रवक्ता, गौवत्स सत्यनारायण महाराज ने कथा में बताया कि भक्ति वही सार्थक होती है, जिससे अपना मन निर्मल बन जाये, भगवान अपने भक्तों का अभिमान दूर करते हैं, जितना जीवन हमें मिला है, उसे हरि भजन मे लगाना चाहिए, अपने शरीर से संसार के अन्यान्य कार्य करते हुए अपने मन को भगवान में लगाना चाहिए । कथा में प्रसंगानुसार पांचवे दिन की कथा में बाल कृष्ण द्वारा पूतना व अन्य राक्षसों का वध करते हुए गोप-गोपियों के साथ लीला करते हैं, ग्वालों के साथ छोटे-छोटे बछड़े चराते है, सभी ग्वालों को साथ में लेकर मखन लीला करते हैं, जिसका बहुत मनमोहक ढंग से प्रस्तुतीकरण दिया गया, इस दौरान बड़ी संख्या ग्रामवासियों मौजूद रहे, 9 अक्टूबर को कथा की पूणाहूति होगी ।।

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Author: shiningmarwar

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