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ककरोलिया माफी में भाई-बहन के अटूट प्रेम का पर्व रक्षाबंधन हर्षोल्लास से मनाया

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ककरोलिया माफी। भाई-बहन के पवित्र प्रेम, स्नेह और विश्वास का प्रतीक रक्षाबंधन पर्व ककरोलिया माफी में हर्षोल्लास एवं उत्साह के साथ मनाया गया। रक्षाबंधन के अवसर पर घर-घर में उत्सव का माहौल रहा। बहनों ने अपने भाइयों की कलाई पर रक्षा सूत्र बांधकर उनकी लंबी उम्र, सुख-समृद्धि और उज्ज्वल भविष्य की कामना की। वहीं भाइयों ने भी अपनी बहनों को उपहार देकर जीवनभर उनकी रक्षा करने का संकल्प लिया।
इसी क्रम में किरण वैष्णव, रेखा वैष्णव एवं बसंती वैष्णव ने अपने भाई बलराम को विधि-विधान एवं प्रेमपूर्वक राखी बांधी। बहनों ने भाई के माथे पर तिलक लगाकर आरती की तथा राखी बांधकर मिठाई खिलाई। भाई बलराम ने भी अपनी बहनों से राखी बंधवाकर उन्हें उपहार भेंट किए और हर सुख-दुख में साथ निभाने का वचन दिया।
रक्षाबंधन के पर्व को लेकर सुबह से ही परिवार में उत्साह का माहौल देखने को मिला। बहनों ने पारंपरिक रीति-रिवाज के साथ पूजा की थाली सजाई, जिसमें रोली, अक्षत, दीपक, मिठाई एवं राखी रखी गई। शुभ मुहूर्त में बहनों ने भाई की आरती उतारी और तिलक लगाकर उसकी कलाई पर राखी बांधी। राखी बांधने के बाद भाई-बहन ने एक-दूसरे का मुंह मीठा करवाया और पर्व की शुभकामनाएं दीं।
इस अवसर पर भाई-बहन के बीच प्रेम और अपनत्व की भावना देखने को मिली। रक्षाबंधन केवल राखी बांधने का पर्व नहीं, बल्कि यह भाई-बहन के बीच मजबूत रिश्ते, विश्वास और आपसी स्नेह को और गहरा करने का अवसर भी है। बदलते समय के साथ पर्व मनाने के तौर-तरीकों में भले ही बदलाव आया हो, लेकिन भाई-बहन के रिश्ते की मिठास और भावनाएं आज भी उतनी ही मजबूत हैं।
किरण वैष्णव, रेखा वैष्णव एवं बसंती वैष्णव ने अपने भाई बलराम की कलाई पर राखी बांधकर इस पवित्र रिश्ते की परंपरा को निभाया। इस दौरान परिवार में खुशी का माहौल रहा और सभी ने एक-दूसरे को रक्षाबंधन पर्व की शुभकामनाएं दीं। पर्व के दौरान परिवार के सदस्यों ने भाई-बहन के स्नेह और प्रेम के इस पावन अवसर को यादगार बनाया।
रक्षाबंधन का यह पर्व परिवार में आपसी प्रेम, सौहार्द और भाईचारे का संदेश भी देता है। ककरोलिया माफी में भी लोगों ने उत्साह के साथ पर्व मनाकर भाई-बहन के पवित्र रिश्ते की गरिमा को कायम रखा।

shiningmarwar
Author: shiningmarwar

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